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Apple ने भारत के Sanchar Saathi App को प्रीलोड करने से मना किया

संपादकीय टीम 2 दिसंबर 2025 को 10:22 pm बजे
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Apple said, वह अपनी चिंताओं से नई दिल्ली सरकार को अवगत कराएगा

apple said, it is matter of privacy of customers

नई दिल्ली। Sanchar Saathi app /स्मार्टफ़ोन कंपनी APPLE / एप्पल ने अपने फोन में सरकारी साइबर सुरक्षा ऐप Sanchar Saathi app प्रीलोड करने से मना कर दिया है। APPLE ने कहा कि इससे उसके कस्टमर की निजता को हानि हो सकती है।

APPLE ने साफ़ कहा कि वो आदेश का पालन करने की योजना नहीं बना रहा है और वह अपनी चिंताओं से नई दिल्ली सरकार को अवगत कराएगा।

मालूम हो कि सरकार के Sanchar Saathi app को प्रीलोड करने की हिदायत से निगरानी संबंधी चिंताएँ और राजनीतिक हंगामा मच गया है।

मालूम हो कि भारत सरकार ने Apple, Samsung और Xiaomi /ऐप्पल, सैमसंग और श्याओमी सहित सभी कंपनियों को गोपनीय रूप से आदेश दिया है कि वे 90 दिनों के भीतर अपने फ़ोन में संचार साथी (या कम्युनिकेशन पार्टनर) नामक एक ऐप प्रीलोड करें। इस ऐप का उद्देश्य चोरी हुए फ़ोनों को ट्रैक करना, उन्हें ब्लॉक करना और उनके दुरुपयोग को रोकना है।

क्या है 'संचार साथी' ऐप?

यह ऐप चोरी हुए फोनों को ट्रैक और ब्लॉक करने के लिए बनाया गया है। इसमें उपयोगकर्ता अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हैं यह देख सकते हैं, फ्रॉड नंबर पहचान सकते हैं, और पुराने फोन खरीदने से पहले उनकी सत्यता जांच सकते हैं।

Apple क्यों इनकार कर रहा

Apple का कहना है कि वह दुनिया में कहीं भी ऐसे सरकारी आदेश नहीं मानती क्योंकि इससे उनके iOS सिस्टम में प्राइवेसी और सुरक्षा के मुद्दे उठते हैं। कंपनी सरकार को बताएगी कि यह उनकी नीतियों के खिलाफ है।

विवाद क्यों?

विपक्षी नेताओं और गोपनीयता समर्थकों का कहना है कि यह सरकार के लिए भारत के 73 करोड़ स्मार्टफोनों तक पहुंचने का एक तरीका है। संसद में भी इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई है।

और कंपनियां?

Samsung और Xiaomi जैसी Android कंपनियों के पास ज्यादा लचीलापन है क्योंकि Android ओपन सोर्स है, लेकिन Apple का iOS सिस्टम बहुत सख्ती से नियंत्रित है।

सरल भाषा में कहें तो – सरकार चाहती है कि सभी नए फोनों में पहले से एक ऐसा ऐप हो जिसे हटाया न जा सके और जो चोरी के फोनों को ट्रैक करे, लेकिन Apple को लगता है कि यह उनके यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खतरा हो सकता है।

हालाँकि विवाद बढ़ने पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अगर उपयोगकर्ता चाहें तो संचार साथी ऐप को हटा सकते हैं। वो मोबाइल फ़ोन निर्माताओं को सरकारी ऐप को अनिवार्य रूप से प्रीलोड करने के निर्देश की ख़बर से लोगों में रोष फैलने पर बोल रहे थे।

एएनआई ने सिंधिया के हवाले से कहा, "…अगर आप संचार साथी नहीं चाहते हैं, तो आप इसे हटा सकते हैं। यह वैकल्पिक है।"